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मध्य प्रदेश के शहरों में बढ़ी प्रदूषण की चिंता: ग्वालियर में AQI 145, जानें भोपाल और इंदौर का ताजा हाल

स्थानीय रिपोर्टर: सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश में वायु गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़ा है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) और अन्य निगरानी एजेंसियों के डेटा के मुताबिक,

प्रदेश का औसत AQI लगभग 112 है, जिसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है। इस श्रेणी में सामान्य लोगों के लिए हवा स्वीकार्य मानी जाती है, जबकि संवेदनशील समूहों को सावधानी बरतनी होती है।

राजधानी भोपाल और इंदौर का AQI स्टेटस

राजधानी भोपाल में सोमवार को AQI 98 दर्ज किया गया। यह ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। शहर में PM2.5 कण प्रमुख प्रदूषक रहे, जिनके बढ़ने का कारण वाहन उत्सर्जन और निर्माण गतिविधियों को माना जाता है। सुबह के समय हल्की धुंध की स्थिति भी देखने को मिली।

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इंदौर में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर

देश के स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाले इंदौर में AQI 85 दर्ज किया गया। यहां PM2.5 का स्तर लगभग 25 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। शहर में सफाई और नियमित निगरानी के चलते वायु गुणवत्ता नियंत्रण में है, हालांकि अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने की संभावना बनी रहती है।

ग्वालियर में वायु गुणवत्ता असुरक्षित: AQI 145 दर्ज

ग्वालियर की वायु गुणवत्ता अन्य शहरों की तुलना में अधिक प्रभावित रही। यहां AQI 145 तक पहुंचा, जो ‘अनहेल्दी फॉर सेंसिटिव ग्रुप्स’ श्रेणी में आता है। शहर में PM10 प्रमुख प्रदूषक है, जो धूल और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा होता है। स्थानीय प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई है।

अन्य शहरों में मध्यम स्तर (जबलपुर, उज्जैन, सागर)

  1. जबलपुर: AQI 92, ‘मध्यम’ श्रेणी
  2. उज्जैन: AQI 78, अपेक्षाकृत बेहतर स्तर
  3. सागर: AQI 105, जिसमें NO₂ प्रमुख प्रदूषक रहा

इन शहरों में प्रदूषण का स्तर वाहनों, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय मौसम के प्रभाव के कारण बढ़ा है।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर प्रयास जारी

प्रदूषण वैज्ञानिकों के अनुसार, शहरीकरण, वाहन उत्सर्जन और कृषि अवशेष जलाना वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक हैं। राज्य सरकार ‘हरित मध्य प्रदेश’ पहल के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर रही है और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है। सरकार ने बताया कि वायु गुणवत्ता को बेहतर रखने के प्रयास जारी रहेंगे।

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आर्यन सिंह
आर्यन सिंहhttps://theviratkesari.com/
स्थानीय मामलों पर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले हमारे मुख्य लेखक। इनका ध्यान मध्य प्रदेश के हर जिले की ज़मीनी हकीकत, सामुदायिक विकास और प्रशासन से जुड़ी प्रासंगिक खबरों को सामने लाने पर रहता है।
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