स्थानीय रिपोर्टर: इंदौर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान एक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने पूरे निर्वाचन तंत्र में सराहना बटोरी है। सॉफ्टबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी और विक्रम अवॉर्ड प्राप्त कुमारी नीलू गौड़ अपनी मां के निधन के बावजूद निर्वाचन दायित्वों पर डटी रहीं। कठिन परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने फील्ड में काम जारी रखा और अपने कर्तव्य के प्रति अद्भुत समर्पण दिखाया।
अधिकारियों के रोकने पर भी नहीं छोड़ी फील्ड ड्यूटी
शनिवार, 22 नवंबर की सुबह लगभग 6 बजे नीलू गौड़ ने अधिकारियों को फोन कर बताया कि उनकी मां का कैंसर के कारण निधन हो गया है और अस्पताल से पार्थिव शरीर घर लाने में समय लगेगा। इस दौरान नीलू ने कहा कि वे अंतिम संस्कार से पहले उन घरों से AIR फॉर्म कलेक्ट कर लेंगी, जहां पहले फॉर्म वितरित किए थे। अधिकारियों ने उन्हें तुरंत घर जाने की सलाह दी, लेकिन नीलू ने अपना कर्तव्य पूरा करने की इच्छा जताते हुए फील्ड में कार्य जारी रखा।
नीलू ने बताया कि बीएलओ की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे दिनभर फील्ड कार्य संभालती थीं और रात को अपनी मां के पास समय बिताती थीं।
कलेक्टर ने की सराहना: 540 घरों तक पहुंचाए फॉर्म
नीलू गौड़ की प्रतिबद्धता की जानकारी मिलने पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने उनकी प्रशंसा की। निर्वाचन शाखा के अनुसार, नीलू अब तक 540 से अधिक घरों तक फॉर्म पहुंचा चुकी हैं और लगभग 125 से अधिक फॉर्म एकत्र कर डिजिटलाइज भी कर चुकी हैं। उनके इस कार्य को अधिकारियों ने प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।
राष्ट्रीय खिलाड़ी और वाणिज्यिक कर कार्यालय की सहायक
नीलू गौड़ केवल एक बीएलओ ही नहीं, बल्कि सॉफ्टबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं। वे वर्तमान में वाणिज्यिक कर कार्यालय, इंदौर में सहायक ग्रेड-III के पद पर कार्यरत हैं। चुनाव आयोग द्वारा उन्हें विधानसभा क्षेत्र इंदौर-5 में बीएलओ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इस दौरान वे सुबह से रात 9–10 बजे तक घर–घर जाकर फॉर्म वितरण, फॉर्म भरवाने, संग्रह करने और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया में लगातार जुटी रहीं। उनकी मेहनत और समर्पण से पर्यवेक्षक और वरिष्ठ अधिकारी भी प्रभावित हुए।






