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​मध्य प्रदेश विधानसभा विशेष सत्र: 5 साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरियां और 8 लाख करोड़ का निवेश, CM यादव ने पेश किया रोडमैप

मध्य प्रदेश विधानसभा विशेष सत्र। मध्य प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार और युवा हैं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई होगी।मुख्यमंत्री ने निवेश को लेकर कहा कि प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि पिछले 2 वर्षों में किए गए कार्य भले ही अभी कम प्रतीत हों, लेकिन आने वाले समय में यही प्रयास प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मध्य प्रदेश विधानसभा विशेष सत्र की मुख्य घोषणाएं: एक नज़र में

  1. रोजगार: अगले 5 वर्षों में 2.5 लाख सरकारी पदों पर होगी सीधी भर्ती।
  2. मेट्रो सिटी: भोपाल-इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर भी बनेंगे मेट्रोपोलिटन सिटी।
  3. निवेश: 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू, 32 लाख करोड़ के कुल प्रस्ताव।
  4. कानून-व्यवस्था: नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार, ‘लाल सलाम’ को दिया ‘आखिरी सलाम’।
  5. किसान हित: सिंहस्थ-2028 के लिए विवादित लैंड पूलिंग योजना वापस ली गई।

बीमारू से विकसित राज्य की ओर यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के प्रयासों से कभी बीमारू कहे जाने वाला मध्य प्रदेश अब विकासशील से विकसित राज्य की दहलीज पर खड़ा है। माओवादी हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में लाल सलाम को आखिरी सलाम दिया गया है।

उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत है।27% ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में विपक्ष को अपने नेताओं से यह सवाल करना चाहिए कि समय रहते समिति क्यों नहीं बनाई गई।

अब जबलपुर और ग्वालियर भी बनेंगे मेट्रोपोलिटन सिटी; 2026 से शुरू होगा काम

डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर को भी मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2026 से काम शुरू करने की बात कही गई। शिक्षा के क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने नवोदय विद्यालयों को मील का पत्थर बताया और कहा कि सांदीपनि विद्यालय उसी दिशा में एक नया प्रयास है।

नदी जोड़ो परियोजना और कर्ज पर स्पष्टीकरण: केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केन-बेतवा और पार्वती–काली सिंध जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम कर रही है। साथ ही सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य के कर्ज को लेकर उन्होंने बताया कि एक वर्ष में 82 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है।

निवेश का नया हब: 23 लाख रोजगार सृजन की संभावना, कैलाश विजयवर्गीय ने रखे आंकड़े

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास का केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को 32 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 23 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए लाई गई लैंड पूलिंग योजना किसानों की आपत्ति के बाद वापस लेना मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मुख्यमंत्री को बधाई दी।

ताज़ा अपडेट: मध्य प्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन: प्रदेश को मिल सकते हैं 3 नए जिले और 11वां संभाग, भोपाल में भी बदलेंगी तहसीलें, 31 दिसंबर तक होना है फैसला

हालांकि, नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली में वन कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि गुजरात की तरह मध्य प्रदेश में वनतारा जैसा प्रोजेक्ट क्यों नहीं विकसित किया जा सकता।

अंकित कीवे
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अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और 'द विराट केसरी' के मुख्य संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
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