राम लखन पाठक सिंगरौली। सिंगरौली जिले के बरगवां तहसील अंतर्गत ग्राम गड़ेरिया और डगा में शासकीय भूमि से जुड़े विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले में जमीन की स्थिति और स्वामित्व को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। वहीं, राजस्व विभाग की सक्रियता के बाद इस प्रकरण में कार्रवाई तेज हो गई है।
ऐसे सामने आया मामला
पूरा विवाद ग्राम गड़ेरिया के खसरा क्रमांक 8 और ग्राम डगा के खसरा क्रमांक 2157 के इर्द-गिर्द केंद्रित है। संबंधित पक्षों का कहना है कि गड़ेरिया में जिस भूमि पर बाउंड्री वाल निर्मित है, वह वास्तव में डगा गांव की भूमि है।
हालांकि, इस दावे के बीच एक महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठ रहा है। गड़ेरिया में लगभग 100 मीटर दूरी पर स्थित खसरा क्रमांक 33 पर पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है, जिसे गड़ेरिया की भूमि बताया जाता है।
ऐसे में दोनों खसरा नंबरों की वास्तविक स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि इन जमीनों में से किसी एक हिस्से को शासकीय भूमि माना जा रहा है, जिसके दस्तावेजों में बदलाव कर उसे निजी रूप देने का प्रयास किया गया।
राजस्व विभाग ने दिखाई सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरगवां तहसील कार्यालय ने संबंधित भूमि पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर बेदखली के आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर उसे खरीद-फरोख्त में शामिल करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। अब इस पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
पेट्रोल पंप की जमीन भी जांच के दायरे में
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूमि की स्थिति स्पष्ट होने पर गड़ेरिया स्थित पेट्रोल पंप की जमीन भी जांच के दायरे में आ सकती है। बताया जा रहा है कि यदि खसरा क्रमांक 2157 की वास्तविक स्थिति वही पाई जाती है, जैसा दावा किया जा रहा है, तो खसरा क्रमांक 33 की स्थिति पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इससे वहां संचालित गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
भेल भोपाल में अचानक लगी आग! ब्लॉक में मचा हड़कंप, औद्योगिक सुरक्षा सवालों के घेरे में!
भू कारोबारियों में बढ़ी हलचल
राजस्व विभाग की कार्रवाई और संभावित बेदखली को देखते हुए क्षेत्र में सक्रिय भू कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा दस्तावेजों की जांच और जमीनी सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में सीमांकन सहित अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना है, जिससे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है।






