प्रमुख बातें:
- नंदीहाल में बवाल: बुधवार को दर्शन के लिए पहुंचे कुछ कांवड़ यात्रियों ने व्यवस्था तोड़कर जमकर हंगामा किया।
- दान पेटियों पर चढ़े: नियमों को ताक पर रखकर गर्भगृह में घुसने का किया प्रयास, दानपेटियां फेंकीं।
- सुरक्षाकर्मियों पर हमला: उपद्रवियों को रोकने गए 4 जवान घायल, एक के पैर में फ्रैक्चर तो दूसरे का सिर फूटा।
- प्रशासन सख्त: महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने कहा- आस्था की आड़ में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, होगी कड़ी FIR।
अंकित कीवे (उज्जैन, द विराट केसरी)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को आस्था के नाम पर कुछ कांवड़ यात्रियों ने जमकर उपद्रव मचाया। दर्शन व्यवस्था को लेकर हुए विवाद के बाद इन यात्रियों ने नंदीहाल में भारी हंगामा कर दिया।
हालात इतने बेकाबू हो गए कि उपद्रवियों ने मंदिर की बैरिकेडिंग तोड़ दी और जबरन गर्भगृह (Sanctum Sanctorum) में घुसने की कोशिश की। जब वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो उनके साथ जमकर मारपीट की गई, जिसमें चार सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
दानपेटियों पर चढ़े, मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और मंदिर समिति के अनुसार, कांवड़ लेकर आए इन यात्रियों का जत्था निर्धारित दर्शन व्यवस्था का पालन करने को तैयार नहीं था। आरोप है कि उन्होंने जबरदस्ती नंदीहाल में प्रवेश किया और वहां रखी दानपेटियों को इधर-उधर फेंक दिया।
कुछ लोग तो दानपेटियों के ऊपर ही चढ़ गए। इस हाई-वोल्टेज हंगामे के कारण मंदिर परिसर में मौजूद अन्य हजारों श्रद्धालुओं के बीच दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हमले में 4 जवान घायल, अस्पताल में भर्ती
मंदिर की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए जब सुरक्षा कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला, तो कांवड़ियों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प और धक्का-मुक्की में मंदिर की व्यवस्था के लिए लगाए गए अवरोध (Barricades) टूटकर गिर पड़े।
मारपीट की इस घटना में चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। एक जवान के पैर पर भारी बैरिकेड गिरने से फ्रैक्चर हो गया है, जबकि एक अन्य सुरक्षाकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई है। आनन-फानन में सभी घायलों को उपचार के लिए उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
“आस्था की आड़ में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, होगी FIR”
इस पूरी घटना को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने बेहद गंभीरता से लिया है। समिति ने सख्त लहजे में नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमला करना एक गंभीर अपराध है।
दर्शन व्यवस्था का यह हिंसक उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उपद्रव और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई (FIR) दर्ज करवाई जाएगी।





