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10 से 13 साल तक एक ही कुर्सी पर जमे PWD अफसर, सड़कें बदहाल, जनता की परेशानी चरम पर

स्पेशल रिपोर्ट: राजधानी भोपाल के लोक निर्माण विभाग (PWD) परिक्षेत्र में सड़कों की स्थिति को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में सड़कें गड्ढों से भरी होने के कारण आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें सुधारने का कार्य समय पर नहीं हो पा रहा है।

PWD में अधिकारियों के लंबे कार्यकाल पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, राजधानी परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग में कुछ अधिकारी 10 से 13 वर्षों तक लगातार एक ही पद पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी के कारण कामकाज की पारदर्शिता और दक्षता पर असर पड़ सकता है। हालांकि विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मानकों के पालन पर प्रश्न

शहर के आनंद नगर–कोकता बायपास सहित कई मार्गों पर गड्ढों की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन मार्गों पर नियमित आवागमन में कठिनाई हो रही है। सड़क निर्माण नियमों और गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर भी लोगों के बीच प्रश्न उठ रहे हैं।

बजट और टेंडर प्रक्रिया में धीमी गति

स्थानीय स्तर पर नागरिकों में सड़क बजट, रखरखाव और टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी चर्चाएँ हो रही हैं। लोगों का कहना है कि सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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नागरिकों ने सरकार से की समीक्षा और प्राथमिकता देने की मांग

इस स्थिति को लेकर नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि विभागीय अधिकारी और राज्य सरकार जल्द ही सड़कों के रखरखाव और निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे। राजधानी परिक्षेत्र में सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने की माँग लगातार बढ़ती जा रही है।

अंकित कीवे
अंकित कीवेhttps://theviratkesari.com/
अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और 'द विराट केसरी' के मुख्य संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
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