स्पोर्ट्स डेस्क। करीब डेढ़ दशक बाद Virat Kohli ने विजय हजारे ट्रॉफी में उतरते ही साबित कर दिया कि क्लास कभी फीकी नहीं पड़ती। 24 दिसंबर (बुधवार) को आंध्र प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कोहली ने 101 गेंदों पर 131 रन की शानदार पारी खेलकर मुकाबले पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया।
Virat Kohli ने ODI अंदाज में खेली धुआँधार शतकीय पारी
बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले गए इस मैच में कोहली ने शुरुआत संभलकर की, लेकिन एक बार आंख जमते ही गेंदबाजों पर आक्रामक रुख अपनाया। उनकी इस पारी में 14 बाउंड्री और 3 आसमानी छक्के शामिल रहे।
कोहली की कप्तानी और अनुभव का असर यह रहा कि दिल्ली की टीम ने 299 रनों का लक्ष्य महज 37.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
16,000 लिस्ट-ए रन, सचिन के बाद दूसरे भारतीय
इस पारी के दौरान विराट कोहली ने लिस्ट-ए क्रिकेट में अपने 16,000 रन भी पूरे कर लिए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड केवल सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है।
फॉर्म नहीं, तूफान में हैं किंग कोहली
विराट कोहली की मौजूदा फॉर्म को अब “अच्छा” कहना कम होगा। हाल ही में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए लगातार दो वनडे शतक जड़े थे और उसी लय को घरेलू क्रिकेट में भी बरकरार रखा है।
कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि यह शतक उसी निरंतरता का हिस्सा है, जिसमें कोहली लंबे समय से बल्लेबाजी कर रहे हैं।
वनडे क्रिकेट पर पूरा फोकस
राजकुमार शर्मा ने कहा
“विराट इस समय पूरी तरह 50 ओवर के क्रिकेट पर केंद्रित हैं। घरेलू लिस्ट-ए मैच उनके लिए फिटनेस और लय बनाए रखने का सबसे बेहतर मंच है। उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि तेज गति से मैच को नियंत्रित करते हुए दिल्ली को जीत दिलाई।”
उन्होंने आगे कहा
कि कोहली की यह निरंतरता उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में भी भारत का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाती है। वो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर भारतीय टीम सबसे ज्यादा भरोसा कर सकती है। मौजूदा फॉर्म को देखें तो वह पूरी तरह वर्ल्ड कप के लिए तैयार नजर आते हैं।






