ओंकारेश्वर VIP दर्शन अपडेट। नववर्ष के अवसर पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रशासनिक आकलन के अनुसार 5 जनवरी तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच सकते हैं, जबकि इन दिनों प्रतिदिन 70 हजार से 1 लाख तक भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं।
इस भारी भीड़ के बीच दर्शन व्यवस्थाओं और विशेषकर वीआईपी/प्रोटोकॉल दर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
ओंकारेश्वर VIP दर्शन अपडेट: 5 बड़े सवाल
- भीड़ का दबाव: 5 जनवरी तक 5 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान।
- विवाद: प्रोटोकॉल दर्शन के कारण टिकट काउंटर पर मची अफरा-तफरी।
- ट्रस्टी का स्टैंड: राव पुष्पेंद्र सिंह ने कलेक्टर को प्रोटोकॉल बंद करने को कहा।
- पाबंदी: सुरक्षा कारणों से 2 जनवरी तक नौका संचालन पूरी तरह बंद।
- असुविधा: शौचालय और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे बुजुर्ग-महिलाएं।
टिकट काउंटर पर मची अफरा-तफरी
मंगलवार को बड़चौक स्थित टिकट काउंटर पर उस समय हालात बिगड़ गए, जब प्रोटोकॉल अधिकारी द्वारा अचानक स्लॉट बुकिंग की संख्या बढ़ा दी गई। इससे काउंटर पर एकाएक भीड़ उमड़ पड़ी और भगदड़ जैसे हालात बन गए।
हालांकि, समय रहते स्थिति संभाल ली गई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी साफ देखने को मिली।
“बाबा के दरबार में VIP नहीं”
ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह ने मीडिया से चर्चा में दो टूक कहा कि-
“बाबा के दरबार में कोई वीआईपी नहीं होता। वर्तमान हालात को देखते हुए 5 जनवरी तक वीआईपी एवं प्रोटोकॉल दर्शन पूरी तरह बंद कर दिए जाने चाहिए, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से सामान्य दर्शन मिल सकें।”
उन्होंने बताया कि इस संबंध में खंडवा कलेक्टर और एसडीएम पुनासा को अवगत करा दिया गया है। उनका कहना है कि प्रोटोकॉल दर्शन में हो रही अव्यवस्थाएं न सिर्फ श्रद्धालुओं को परेशान कर रही हैं, बल्कि तीर्थ नगरी और मंदिर ट्रस्ट की छवि को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।
मूलभूत सुविधाओं में अब भी कमी
प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से पानी, छाया और प्रकाश जैसी सुविधाओं के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सुलभ शौचालयों की कमी अब भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आए श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है।
प्रशासन के दावे और सवाल
प्रोटोकॉल अधिकारी मुकेश काशीव ने व्यवस्थाओं को सुचारू बताया है। वहीं इस विषय में एसडीएम पुनासा से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे बात नहीं हो सकी।
नौका संचालन बंद, VIP दर्शन क्यों जारी?
नर्मदा नदी में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों से 2 जनवरी तक नौका संचालन बंद कर दिया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के बीच यह सवाल और गहरा हो रहा है कि जब सुरक्षा को देखते हुए नौकाएं रोकी जा सकती हैं, तो फिर भीड़ नियंत्रण के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल काउंटर अस्थायी रूप से बंद क्यों नहीं किए जा रहे?
नववर्ष पर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की मांग साफ है- समान दर्शन, सुरक्षित व्यवस्था और अव्यवस्था से मुक्ति।






