मुख्य बिंदु
- आरोपी: चोरी के मामले में 4 साल से फरार था स्थायी वारंटी सलमान (25 वर्ष)।
- फरारी: पुलिस से बचने के लिए लंबे समय से राजस्थान में काट रहा था फरारी।
- गिरफ्तारी: मुखबिर की सटीक सूचना पर काटकूट में दबिश देकर पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- कार्रवाई: न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को भेजा गया बड़वाह उपजेल।
अंकित कीवे (बड़वाह)। पुलिस को चकमा देकर पिछले 4 सालों से फरार चल रहे एक शातिर स्थायी वारंटी को आखिरकार बड़वाह पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। चोरी के मामले में वांछित यह आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से राजस्थान में छिपा हुआ था। पुलिस की लगातार सुरागरसी और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते आरोपी जैसे ही अपने गांव काटकूट लौटा, पुलिस ने उसे धर दबोचा।
राजस्थान में छिपा था सलमान, पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी सलमान पिता शब्बीर (25 वर्ष), निवासी काटकूट के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज था और वह न्यायालय से स्थायी वारंटी घोषित था। आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए राज्य की सीमा पार कर राजस्थान भाग गया था। बड़वाह पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
इसी बीच पुलिस को पुख्ता सुराग मिला कि आरोपी सलमान किसी काम से छिपते-छिपाते अपने गांव काटकूट आया हुआ है। सूचना की तस्दीक होते ही पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और बिना कोई मौका गंवाए काटकूट में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी की और आरोपी सलमान को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे उपजेल बड़वाह भेज दिया गया है, जहां अब उसे अपने किए की सजा काटनी होगी।
इन अधिकारियों के मार्गदर्शन में मिली सफलता
वारंटी को पकड़ने की यह महत्वपूर्ण कार्रवाई आईजी (इंदौर ग्रामीण जोन) अनुराग, डीआईजी (निमाड़ रेंज) सिमाला प्रसाद, खरगोन एसपी रविंद्र वर्मा, एडिशनल एसपी (ग्रामीण) शकुंतला रुहल और एसडीओपी अर्चना रावत के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत की गई। इस पूरी धरपकड़ में बड़वाह थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बर्मन के नेतृत्व में सउनि राजासिंह किराडे, प्रधान आरक्षक नितिन, आरक्षक रवि यादव और आरक्षक विनोद गुर्जर की अहम भूमिका रही।





