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सफलता की उड़ान: बड़वाह के शिव मुवेल ने MPPSC स्पोर्ट्स ऑफिसर परीक्षा में रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में हासिल की 43वीं रैंक

प्रमुख बातें:

  • शानदार कामयाबी: अपने पहले ही प्रयास में MPPSC की कठिन परीक्षा पास कर ओवरऑल 43वीं रैंक (All India Rank) पर किया कब्जा।
  • कठोर निर्णय: लक्ष्य को पाने के लिए अच्छी-खासी चलती हुई प्राइवेट नौकरी को मार दी थी ठोकर।
  • स्थानीय स्तर पर तैयारी: बड़े शहरों की चकाचौंध से दूर, बड़वाह में ही रहकर सीमित संसाधनों के बीच की पढ़ाई।
  • लंबा संघर्ष: 2024 में आई वैकेंसी से लेकर 5 अगस्त 2026 के अंतिम इंटरव्यू तक चला 3 साल का धैर्य और परिश्रम।

अंकित कीवे (बड़वाह, द विराट केसरी)। अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इस कहावत को बड़वाह के होनहार युवा शिव मुवेल ने सच कर दिखाया है। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम के दम पर शिव ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित ‘स्पोर्ट्स ऑफिसर’ भर्ती परीक्षा में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है।

सबसे खास बात यह है कि शिव ने अपने पहले ही प्रयास में इस बेहद चुनौतीपूर्ण परीक्षा को क्रैक करते हुए ओवरऑल 43वीं रैंक हासिल कर पूरे बड़वाह क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

बड़े शहरों का रुख करने के बजाय बड़वाह को चुना

आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवा इंदौर, भोपाल या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करते हैं, लेकिन शिव की कहानी अलग है। स्पोर्ट्स ऑफिसर बनने के अपने सपने को उड़ान देने के लिए उन्होंने सबसे पहले अपनी प्राइवेट नौकरी छोड़ने का बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया।

इसके बाद वे बड़े शहरों में जाने के बजाय अपने गृहनगर बड़वाह में ही रुक गए और सीमित संसाधनों के बीच पूरी एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई में जुट गए।

3 साल का संघर्ष: 2024 की वैकेंसी से 2026 के इंटरव्यू तक

शिव की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि यह पिछले तीन सालों के कड़े तप का मीठा फल है। साल 2024 में जब स्पोर्ट्स ऑफिसर भर्ती की आधिकारिक घोषणा हुई, तभी शिव ने अपनी नौकरी छोड़कर किताबें थाम ली थीं।

साल 2025 में उन्होंने मुख्य लिखित परीक्षा (Mains) में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंततः 5 अगस्त 2026 को अंतिम पड़ाव के रूप में इंटरव्यू (साक्षात्कार) का डटकर सामना करते हुए अपनी सफलता पर अंतिम मोहर लगा दी।

“परिवार का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत”

अपनी इस शानदार और ऐतिहासिक उपलब्धि पर विनम्रता के साथ शिव मुवेल ने कहा, “अपनी चलती हुई प्राइवेट नौकरी को छोड़कर इस अनिश्चितता भरे रास्ते को चुनना मेरे लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।

मेरी इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता, परिवार के अटूट सहयोग और मेरे गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन को जाता है। जब भी मैं निराश होता, तो उनके अटूट विश्वास ने मुझे कभी हार नहीं मानने दी।”

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शिव की इस अद्भुत कामयाबी की खबर फैलते ही बड़वाह सहित पूरे प्रदेश से उन्हें लगातार बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।

अंकित कीवे
अंकित कीवेhttps://theviratkesari.com/
अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और इंदौर से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र 'द विराट केसरी' के संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
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