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आस्था की सड़क बदहाल: इंदौर-खंडवा मार्ग पर ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालु परेशान! क्या प्रशासन कर रहा किसी बड़े हादसे का इंतज़ार?

द विराट केसरी टीम इंदौर। देश के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल ओंकारेश्वर को जोड़ने वाला इंदौर-खंडवा मार्ग आज गंभीर बदहाली का शिकार है। जिस मार्ग से प्रति-दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए गुजरते हैं, वही मार्ग अब गड्ढों, उखड़ी डामर और क्षततिग्रस्त सतह के कारण जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

रेंगते वाहन, बढ़ता हादसों का खतरा

शनि मंदिर बाई ग्राम से लेकर चोरल और बलवाड़ा तक सड़क के कई हिस्सों में हालात बेहद खराब हैं। गहरे गड्ढों के कारण वाहन रेंगने को मजबूर हैं। दुपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय सड़क पर गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। आपात स्थिति में एम्बुलेंस जैसी सेवाओं का समय पर पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।

इंदौर-खंडवा मार्ग: जिम्मेदारी तय, जवाबदेही शून्य

इस मार्ग का रखरखाव मध्य-प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन तथा फोरलेन परियोजना से जुड़े हिस्सों में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अंतर्गत आता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

ओंकारेश्वर धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है। सड़क की बदहाली से न केवल श्रद्धालु परेशान हैं, बल्कि होटल व्यवसाय, छोटे दुकानदार और स्थानीय परिवहन भी प्रभावित हो रहा है। यात्रा का समय बढ़ने से लोग वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने लगे हैं, जिससे इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

जनता पूछ रही है सवाल

स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का सवाल है कि-

  1. सड़क का आखिरी निरीक्षण कब किया गया?
  2. मरम्मत के लिए स्वीकृत बजट का उपयोग कहाँ हुआ?
  3. घटिया निर्माण की जांच कब होगी?

जनता का कहना है कि यदि जल्द स्थायी मरम्मत नहीं की गई, तो विरोध और आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

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स्थायी मरम्मत की दरकार

लोगों की मांग है कि पूरे मार्ग की तकनीकी जांच कराकर गड्ढों को भरने के बजाय स्थायी पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके। समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभागों से प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

अंकित कीवे
अंकित कीवेhttps://theviratkesari.com/
अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और 'द विराट केसरी' के मुख्य संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
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