Indian Railways RAC मामला: मुख्य बिंदु
- मामला: 22 वर्षीय यात्री और एक महिला सहयात्री के बीच RAC सीट साझा करने पर बहस।
- विवाद का कारण: महिला यात्री का दावा कि पुरुष और महिला साथ में RAC सीट साझा नहीं कर सकते।
- एक्शन: रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल और TTE का हस्तक्षेप।
- समाधान: TTE ने नियमों का हवाला देकर सीट साझा कराई और बाद में उपलब्धता पर सीट बदल दी।
- Indian Railways नियम: RAC सीट पर जेंडर आधारित पृथक्करण का कोई अनिवार्य नियम नहीं है।
Indian Railways की ट्रेन में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट पर सीट साझा करने को लेकर एक यात्री द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया अनुभव चर्चा में है। पोस्ट में यात्री ने बताया कि सीट अलॉटमेंट के बाद उसे सहयात्री के साथ बैठने को लेकर विवाद की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसे बाद में TTE के हस्तक्षेप से सुलझा लिया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या बताया गया?
एक ऑनलाइन पोस्ट में 22 वर्षीय यात्री ने लिखा कि RAC टिकट पर उसे एक सीट आवंटित हुई थी, जहां पहले से एक महिला यात्री बैठी थीं। पोस्ट के अनुसार, महिला सहयात्री ने शुरुआत में यह कहते हुए सीट साझा करने से मना किया कि पुरुष और महिला एक ही RAC सीट पर साथ नहीं बैठ सकते।
यात्री ने दावा किया कि उसने उपलब्ध रेलवे नियमों की जानकारी देखने के बाद पाया कि ऐसा कोई स्पष्ट प्रतिबंध उल्लेखित नहीं है। इसके बाद स्थिति को लेकर कोच में मौजूद टिकट निरीक्षक (TTE) का इंतजार किया गया।
TTE ने सुलझाया मामला: नियमों की दी जानकारी और टीटीई के सहयोग की हुई सराहना
पोस्ट के अनुसार, सहयात्री द्वारा रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल भी किया गया। कुछ समय बाद TTE को स्थिति की जानकारी दी गई। TTE ने मौके पर पहुंचकर दोनों यात्रियों से बात की और सीट साझा करने की व्यवस्था समझाई।
यात्री के मुताबिक, इसके बाद उसे बैठने की अनुमति दी गई। बाद में TTE ने उपलब्धता के आधार पर उसे अलग सीट भी आवंटित कर दी। पोस्ट में यात्री ने TTE के सहयोग के लिए आभार भी जताया।
क्या पुरुष-महिला साथ नहीं बैठ सकते? जानें भारतीय रेलवे की RAC सीट शेयरिंग पॉलिसी
भारतीय रेलवे की RAC व्यवस्था में एक बर्थ को दो यात्रियों के बीच साझा रूप से आवंटित किया जा सकता है। उपलब्ध सार्वजनिक दिशानिर्देशों के अनुसार:
RAC में एक सीट दो यात्रियों को दी जा सकती है
- सीट साझा करने में जेंडर (पुरुष/महिला) के आधार पर स्वतः रोक का कोई सार्वभौमिक नियम प्रकाशित नहीं है।
- सीट आवंटन सिस्टम प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था करने की कोशिश करता है, लेकिन हर स्थिति में यह संभव हो – यह सुनिश्चित नहीं होता।
- किसी भी यात्री को असहजता होने पर TTE या रेलवे स्टाफ से सहायता लेने का विकल्प उपलब्ध रहता है।
यात्रा के दौरान हो असुविधा तो क्या करें? इन हेल्पलाइन नंबरों का लें सहारा
Indian Railways की यात्रा के दौरान सीट या सहयात्री से जुड़ी किसी भी असुविधा की स्थिति में यात्री कोच स्टाफ, TTE या अधिकृत रेलवे हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। अंतिम निर्णय मौके पर उपलब्ध स्टाफ द्वारा स्थिति और उपलब्धता के आधार पर लिया जाता है।
यह मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित यात्री अनुभव है, जिसे आधिकारिक घटना रिपोर्ट के रूप में जारी नहीं किया गया है।






