भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे के लिए 24 दिसंबर का दिन महत्वपूर्ण रहा। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर अवॉर्ड किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई।
राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों को IPS कैडर प्रदान किया गया है, उनमें आशीष खरे, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। सभी अधिकारियों को एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रखा जाएगा।
21 नवंबर को हुई थी डीपीसी बैठक
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को IPS में पदोन्नति देने के लिए 21 नवंबर 2024 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। डीपीसी द्वारा अंतिम रूप से चयनित सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जिस पर अब गृह मंत्रालय ने मुहर लगा दी है।
किन-किन नामों पर हुआ था विचार
डीपीसी बैठक में जिन अधिकारियों के नामों पर चर्चा की गई थी, उनमें अमित सक्सेना, अमृत मीणा, आशीष खरे, निमिषा पांडेय, मलय जैन, मनीषा पाठक सोनी, राजेश कुमार मिश्रा, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन, सुमन गुर्जर, सीताराम ससत्या, सव्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, राजेश रघुवंशी और सत्येंद्र सिंह तोमर शामिल थे।
1997 और 1998 बैच के अधिकारी
IPS कैडर पाने वाले चारों अधिकारी 2024 की डीपीसी के तहत पदोन्नत किए गए हैं।
- विक्रांत मुरब वर्ष 1997 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं।
- आशीष खरे, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी 1998 बैच से संबंधित हैं।
सभी अधिकारियों को IPS अवॉर्ड के बाद एक साल तक परिवीक्षा पर रखा जाएगा।
वरिष्ठता सूची के दो अधिकारी प्रमोशन से वंचित
डीपीसी की वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर अमृत मीणा और सीताराम ससत्या के नाम थे, लेकिन दोनों अधिकारियों को फिलहाल IPS कैडर नहीं मिल सका।
- अमृत मीणा का मामला जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी आपत्ति के कारण अटक गया।
- वहीं सीताराम ससत्या के खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने के चलते उनका प्रमोशन रोक दिया गया।






