ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में हालिया निरीक्षणों और नागरिक शिकायतों से यह मुद्दा चर्चा में है कि कई सड़कों पर निर्माण के कुछ महीनों के भीतर ही गड्ढे उभर आते हैं। इससे नागरिकों में नाराज़गी के साथ-साथ सरकारी कार्यों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
मौसम बदलते ही सड़कें खराब होने से नागरिकों की चिंता बढ़ी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में बनी सड़कों का जीवनकाल बेहद कम है। गर्मी में बनी सड़कें बारिश में तेजी से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जबकि बारिश के बाद किए गए रिपेयर कार्य भी अगले सीजन तक टिक नहीं पाते।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति या तो निर्माण गुणवत्ता में कमी, या फिर निगरानी की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता की ओर संकेत करती है।
विशेषज्ञ राय: निगरानी और जवाबदेही पर उठ रहे प्रश्न
सड़क निर्माण में परफॉर्मेंस गारंटी (DLP) और समयसीमा का प्रावधान होता है, लेकिन कई मामलों में संबंधित एजेंसियों पर समय पर सुधार कार्य न करने के आरोप लगते रहे हैं।
सार्वजनिक नीति विशेषज्ञों का कहना है कि-
- यदि सड़कें निर्धारित अवधि से पहले खराब होती हैं, तो ठेकेदार और निगरानी टीम पर कार्रवाई का स्पष्ट सिस्टम होना चाहिए।
- निरीक्षण रिपोर्टों को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि पारदर्शिता बढ़े।
फिक्स्ड पोस्टिंग और रोटेशन पर पुनर्विचार की मांग
कुछ अधिकारियों के वर्षों तक एक ही पद पर बने रहने को लेकर भी व्यवस्था में संतुलन की आवश्यकता बताई जा रही है। प्रशासनिक सुधार विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित ट्रांसफर-पॉलिसी लागू करने और महत्वपूर्ण पदों पर रोटेशन सिस्टम अपनाने से पारदर्शिता बढ़ती है।
खराब सड़कों से नागरिकों की परेशानी और सुरक्षा जोखिम
खराब सड़कों के कारण आमजन को-
- वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च,
- ट्रैफिक जाम,
- यात्रा समय बढ़ने,
- और सुरक्षा जोखिम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों का कहना है कि बेहतर सड़कों को लेकर उनकी उम्मीदें उचित हैं क्योंकि यह बुनियादी जरूरत है।
विशेषज्ञों ने सुझाए 5 समाधान
- गुणवत्ता निरीक्षण को थर्ड-पार्टी एजेंसी से करवाना।
- टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मूल्यांकन को और मजबूत करना।
- गारंटी अवधि में अनिवार्य मरम्मत सुनिश्चित करना।
- विभागीय निगरानी तंत्र को डिजिटल करना।
- सड़क निर्माण से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराना।
बड़ा सवाल
क्या मध्यप्रदेश में सड़क निर्माण और रख-रखाव के लिए मौजूदा सिस्टम में बड़े सुधारों का समय आ गया है? नागरिकों का मानना है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों ही बेहतर होंगी तो प्रदेश में सुरक्षित और टिकाऊ सड़कें सुनिश्चित हो सकेंगी।
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