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​सारंगपुर: हाईवे किनारे खेत से रातों-रात 7 चंदन के पेड़ ले उड़े चोर, कार्रवाई न होने से परेशान किसान अब पुलिस शिकायत से भी कतराने लगे

सारंगपुर ब्यूरो। सारंगपुर क्षेत्र में चंदन चोरी की घटनाएं एक बार फिर सामने आने लगी हैं। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात पचोर क्षेत्र में खुजनेर रोड के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर सात चंदन के पेड़ काटकर ले गए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह खेत सुरेश सक्सेना का है। उन्होंने बताया कि चोर हाईवे से लगे खेत में कुएं के पास मेढ़ पर लगे चंदन के पेड़ों को निशाना बनाकर आए थे। चोरों ने कुल सात पेड़ काट लिए, जबकि दो अन्य पेड़ों पर आरी चलाने के निशान भी मिले हैं, लेकिन वे उन्हें काटकर ले जाने में सफल नहीं हो सके।

चोरी की वारदात: मुख्य तथ्य

  1. स्थान: खुजनेर रोड (पचोर), सुरेश सक्सेना का खेत।
  2. नुकसान: 7 चंदन के पेड़ कटे, 2 अन्य पर आरी के निशान।
  3. बड़ी चिंता: पिछली चोरी में कार्रवाई न होने के कारण पीड़ित ने इस बार शिकायत दर्ज नहीं कराई।
  4. पुलिस का तर्क: औपचारिक शिकायत (FIR) के बिना जांच शुरू करना संभव नहीं।

पुरानी शिकायत का नतीजा शून्य: हताश किसान ने बयां किया अपना दर्द

खेत मालिक सुरेश सक्सेना का कहना है कि उनके खेत में इससे पहले भी चंदन चोरी की घटना हो चुकी है। उस समय उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पाई और न ही चोरों का पता चल सका।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चंदन चोरी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद परिणाम नहीं निकलने से लोग हतोत्साहित हो जाते हैं।

क्यों रिपोर्ट नहीं लिखवा रहे ग्रामीण? प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

सक्सेना ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने में समय और परेशानी दोनों बढ़ती हैं, जबकि परिणाम शून्य रहता है। इसी कारण इस बार उन्होंने थाने में आवेदन नहीं दिया। उनका कहना है कि कई ग्रामीण इसी वजह से अब ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने से बचते हैं।

पुलिस का स्टैंड: बिना आवेदन नहीं हो सकती जांच, टीआई ने दी सफाई

इस मामले में थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया ने कहा कि अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं उन्होंने ने स्पष्ट किया कि बिना शिकायत पुलिस के लिए कार्रवाई करना संभव नहीं होता।

टीआई ने कहा कि यदि पीड़ित पक्ष थाने में आवेदन नहीं देता है, तो पुलिस के पास जांच शुरू करने का कोई आधार नहीं रहता। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा पर उठे सवाल

लगातार हो रही चंदन चोरी की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदन जैसे कीमती पेड़ों की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी व्यवस्था जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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हमारी राय: चंदन चोरी के मामलों में पुलिस और जनता के बीच संवाद की कमी चोरों का हौसला बढ़ा रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह ग्रामीणों का विश्वास जीते और पेट्रोलिंग बढ़ाए, वहीं नागरिकों को भी हर अपराध की रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए ताकि रिकॉर्ड पर कार्रवाई की मांग की जा सके।

अंकित कीवे
अंकित कीवेhttps://theviratkesari.com/
अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और 'द विराट केसरी' के मुख्य संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
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