सिंगरौली ब्यूरो। सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन के मामलों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए चितरंगी क्षेत्र की रेही रेत खदान में बड़ी कार्रवाई की है। लीज की स्वीकृत सीमा से बाहर उत्खनन करते पाए जाने पर खदान में कार्यरत एक पोकलेन (पीसी) मशीन को जब्त कर लिया गया है।
जब्त की गई मशीन को सुरक्षा कारणों से चितरंगी थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रेही रेत खदान को लेकर काफी समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि लीज क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है।
कार्रवाई का विवरण
- खदान का नाम: रेही रेत खदान (चितरंगी)।
- कार्रवाई का कारण: लीज क्षेत्र की सीमा से बाहर जाकर अवैध खनन।
- अधिकारी: एसडीएम सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व टीम का औचक निरीक्षण।
- बड़ी जब्ती: मौके से एक कीमती पोकलेन मशीन जब्त कर थाने में खड़ी कराई गई।
शिकायतों पर एक्शन: एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ किया भौतिक सत्यापन, पकड़ी गई अनियमितता
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को चितरंगी एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने खदान स्थल पर अचानक निरीक्षण किया। टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए लीज सीमा के बाहर संचालित पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया।
नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा: एसडीएम सौरभ मिश्रा की सख्त चेतावनी
चितरंगी एसडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया कि रेही रेत खदान से अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कलेक्टर के निर्देश पर की गई जांच में लीज शर्तों का उल्लंघन प्रमाणित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मशीन जब्त की गई है और अवैध खनन के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
रेत माफियाओं में हड़कंप: सिंगरौली की अन्य खदानों पर भी प्रशासन की पैनी नज़र
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में रेत खनन से जुड़े कारोबारियों के बीच हलचल देखी जा रही है। सिंगरौली जिले की कई रेत खदानों को लेकर पहले भी अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि कई बार कार्रवाई से पहले ही गतिविधियां रोक दी जाती थीं, लेकिन इस बार मौके पर पहुंचकर सीधे कार्रवाई की गई।
प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार के दबाव या सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।






