उज्जैन। बड़ा पुल स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा परिसर में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नासिक से उज्जैन पधारे पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा एवं पंचदशनाम महाकाल अखाड़ा के श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर राहुल नाथ महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुई।
बैठक में देशभर से अखाड़े के पदाधिकारी एवं सेवा कार्यों से जुड़े साधु-संत शामिल हुए। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व सभी संतों द्वारा माँ शिप्रा का विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात सिंहस्थ से जुड़ी व्यवस्थाओं, सेवाओं और संत समाज की भूमिका को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
उज्जैन सिंहस्थ-2028: जूना अखाड़ा बैठक के मुख्य निर्णय
- सेवा का संकल्प: श्रद्धालुओं के लिए दवाइयां, शुद्ध पेयजल और भोजन की व्यवस्था अखाड़ा करेगा।
- प्रशासन से समन्वय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विकास विजन के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
- अनुभव साझा: नासिक और उज्जैन के पिछले सिंहस्थ के अनुभवों के आधार पर तैयार होगी योजना।
- संगठन विस्तार: जिला स्तर पर नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों का वितरण।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरी
राजेश्वर नाथ महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में नासिक और उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दवाइयां, स्वास्थ्य सेवाएं, शुद्ध पेयजल, पौष्टिक भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं संत समाज के सहयोग से उपलब्ध कराई जाएंगी।
संत समाज की भी जिम्मेदारी : महामंडलेश्वर राहुल नाथ महाराज
बैठक को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर राहुल नाथ महाराज ने कहा कि सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार के साथ-साथ संत समाज का भी यह दायित्व है कि वह सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, जिससे आगामी सिंहस्थ भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न होगा।
संगठनात्मक नियुक्ति भी हुई
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जिला अध्यक्ष एवं अध्यक्ष पद पर अनपढ़ अधिकारी की नियुक्ति की गई। इस अवसर पर उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
ये संत रहे उपस्थित
कार्यक्रम में साईंनाथ महाराज, भैरव गिरी महाराज, रवी गिरी महाराज, काटकर महाराज, नितेश गिरी महाराज, शिवाजी महाराज (उज्जैन), सहयोग गिरी महाराज, राजेश्वर नाथ महाराज (त्र्यंबकेश्वर), राजू महाराज (बुलढाणा), भरत गिरी महाराज (बुलढाणा), वेदांत गिरी जी महाराज, कामाख्यापुत्र हिमालय गिरी बाबा सहित अनेक साधु-संत उपस्थित रहे।






