Air India Ahmedabad Crash Investigation: अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया फ़्लाइट दुर्घटना की जांच को लेकर एक विदेशी अख़बार की रिपोर्ट में नए दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जांच टीम तकनीकी खराबी के बजाय संभावित मानवीय हस्तक्षेप के एंगल की भी पड़ताल कर रही है।
हालांकि, भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी माना जा रहा है।
Air India Ahmedabad Crash Investigation: विदेशी अख़बार की रिपोर्ट में क्या दावा
इटली के दैनिक अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच जांच समन्वय से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें कहा गया है कि जांच से जुड़े अधिकारी इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि हादसा केवल तकनीकी कारणों से नहीं हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच से जुड़े कुछ प्रारंभिक निष्कर्षों में इंजन फ्यूल कट-ऑफ की स्थिति को मानवीय कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच एजेंसियां अपनी अंतिम रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।
अब तक इस संबंध में भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आधिकारिक प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या था उल्लेख
जुलाई 2025 में AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग का हवाला दिया गया था। उसमें दर्ज बातचीत के अनुसार एक पायलट द्वारा दूसरे से पूछा गया, “फ्यूल क्यों बंद किया?” जिस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया, “मैंने बंद नहीं किया।”
प्रारंभिक रिपोर्ट में इस बातचीत का उल्लेख तो किया गया था, लेकिन जिम्मेदारी या कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया था।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान जमीन पर गिरा, जिससे विमान में सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार एक यात्री जीवित बचा था।
पायलटों को लेकर दावों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
विदेशी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच में शामिल टीम पायलटों की भूमिका और कॉकपिट इनपुट की विस्तृत समीक्षा कर रही है। रिपोर्ट में एक पायलट को “मुख्य संदिग्ध” बताए जाने का दावा भी किया गया है, साथ ही उनकी मानसिक स्थिति को लेकर भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, संबंधित पायलट के परिवार ने पहले ही ऐसे सभी दावों को सार्वजनिक रूप से खारिज किया है और स्वतंत्र जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि व्यक्तिगत या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कयास निराधार हैं।
टेक्निकल बनाम मानवीय कारण – जांच जारी
जांच से जुड़े प्रारंभिक तकनीकी आकलन में मैकेनिकल फेल्योर की संभावना कम बताई गई थी और फ्यूल कंट्रोल स्विच की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया था। ब्लैक बॉक्स डेटा के आधार पर यह सामने आया था कि दुर्घटना के समय दोनों इंजन बंद अवस्था में थे।
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जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम रिपोर्ट जारी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है।






