खेल विशेषज्ञ: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में 408 रनों की हार और सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप के बाद गौतम गंभीर के कोचिंग पद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मैच के बाद स्टेडियम में विरोध के नारे भी सुनाई दिए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर गंभीर के इस्तीफे की मांग ट्रेंड करने लगी। इन अटकलों के बीच बीसीसीआई ने गंभीर के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
बीसीसीआई का स्पष्ट बयान: कोच गौतम गंभीर कहीं नहीं जा रहे
भारतीय बोर्ड से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि बोर्ड फिलहाल किसी बदलाव पर विचार नहीं कर रहा है।
अधिकारी के अनुसार-
- टीम अभी बदलाव के चरण से गुजर रही है।
- हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर का अनुबंध 2027 विश्व कप तक है।
- विश्व कप नजदीक होने के चलते बोर्ड जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहता।
- आगे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट से चर्चा की जाएगी।
इससे पहले यह अटकलें थीं कि गंभीर से टेस्ट टीम की जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है, जबकि सीमित ओवरों की कोचिंग वे जारी रखेंगे, लेकिन बीसीसीआई ने इन्हें खारिज कर दिया।
प्रदर्शन पर सवाल: गंभीर के कार्यकाल में बड़े रिकॉर्ड टूटे
गंभीर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम को कई अहम झटके लगे हैं, जिनके चलते प्रदर्शन पर चर्चा बढ़ी है। प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं-
- 27 साल में पहली बार भारत श्रीलंका से वनडे सीरीज हारा (2024)
- 45 साल में पहली बार किसी कैलेंडर वर्ष में भारत एक भी वनडे मैच नहीं जीत पाया (2024)
- घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 46 रन पर ऑल आउट, जो सबसे कम स्कोर में से एक है
- कोलकाता टेस्ट में 124 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए
- भारत पहली बार WTC फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया
इन परिणामों के चलते कोचिंग रणनीति पर बहस तेज है, हालांकि बीसीसीआई का रुख साफ है कि किसी भी बदलाव का निर्णय समय और मूल्यांकन के आधार पर ही लिया जाएगा।
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गंभीर ने ली हार की जिम्मेदारी, युवा खिलाड़ियों को दिया समर्थन
गुवाहाटी टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने टीम के प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि-
- हार सामूहिक होती है, और उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी कोच की है।
- टीम ट्रांजिशन के दौर में है और युवा खिलाड़ियों को स्थिरता हासिल करने में समय लगेगा।
उन्होंने बताया कि सभी निर्णय टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के सामूहिक विचार-विमर्श से लिए जाते हैं।






