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भारत 5 और S-400 स्क्वाड्रन खरीदने की तैयारी में, पुतिन-मोदी बैठक में हो सकता है बड़ा रक्षा करार

न्यूज़ डेस्क: भारत अपनी वायु सुरक्षा क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त स्क्वाड्रनों की खरीद पर विचार कर रहा है। इस संबंध में संभावित बातचीत 5 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली शिखर बैठक में हो सकती है।

भारत पहले ही रूस के साथ 2018 में 5 बिलियन डॉलर से अधिक का करार कर चुका है, जिसके तहत कुल 5 स्क्वाड्रन खरीदने का समझौता हुआ था। अब तीन स्क्वाड्रन भारत को मिल चुके हैं, जबकि शेष दो की आपूर्ति रूस नवंबर 2026 तक पूरी कर देगा।

5 अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन और मिसाइलों पर होगा ₹56,000 करोड़ का व्यय

रिपोर्टों के अनुसार, भारत अब 5 अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन खरीदने पर विचार कर रहा है। मौजूदा विदेशी मुद्रा विनिमय दर के आधार पर एक स्क्वाड्रन की लागत लगभग 1.25 बिलियन डॉलर (लगभग ₹11,149 करोड़) है। ऐसे में 5 स्क्वाड्रन के लिए लगभग ₹56,000 करोड़ का व्यय होना अनुमानित है।

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इसी बैठक में भारत अपने मौजूदा S-400 सिस्टम के लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त मिसाइलें खरीदने का प्रस्ताव भी उठाएगा।

Su-57 फाइटर जेट और AMCA प्रोजेक्ट पर वर्तमान स्थिति

रूस भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान Su-57 की 2–3 स्क्वाड्रन की पेशकश कर रहा है, जिसे वह अमेरिकी F-35 के मुकाबले पर प्रस्तुत करता है। हालांकि भारतीय वायुसेना ने अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सूत्रों के अनुसार, वायुसेना को AMCA प्रोजेक्ट के 2035 तक आने तक एक अंतरिम 5th-gen लड़ाकू विकल्प की आवश्यकता है, लेकिन किसी विमान पर सहमति नहीं बनी है।

क्यों अहम है S-400: यूक्रेन युद्ध और डिलीवरी का अपडेट

रूस ने भरोसा दिलाया है कि वर्ष 2018 में खरीदे गए S-400 सिस्टम की शेष दो स्क्वाड्रनों की डिलीवरी 2026 तक पूरी हो जाएगी। यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति में देरी हुई थी।

रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में लगभग ₹10,000 करोड़ की अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी दी है। इन मिसाइलों का उपयोग पाकिस्तान से तनावपूर्ण परिस्थितियों के दौरान किया गया था, इसलिए इनका स्टॉक बढ़ाना आवश्यक माना गया है।

TOI के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने 5 और स्क्वाड्रन की जरूरत स्पष्ट रूप से बताई है। रूस भारत में S-400 सिस्टम के लिए मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी स्थापित करेगा।

ताज़ा अपडेट: चीन के प्रतिबंधों के बीच भारत का बड़ा फैसला: 7,280 करोड़ की REPM मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम

IAF प्रमुख का बयान: ऑपरेशन सिंदूर में S-400 का प्रदर्शन

IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने हाल ही में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने 314 किमी की दूरी पर अब तक की सबसे लंबी मारक क्षमता प्रदर्शित की। इस दौरान पाकिस्तान के कम से कम 5 हाई-टेक फाइटर जेट (F-16 और JF-17 श्रेणी) सफलतापूर्वक मार गिराए गए।

चीन के पास इस समय 6 S-400 स्क्वाड्रन हैं। अतिरिक्त खरीद के बाद भारत के पास कुल 10 स्क्वाड्रन हो जाएंगे।

नेहा जैन
नेहा जैन
हमारी राष्ट्रीय संपादक, जो भारत सरकार की नीतिगत घोषणाओं और महिला व सामाजिक सुरक्षा मामलों पर गहन संपादकीय निरीक्षण रखती हैं। इनका 15 वर्षों का अनुभव राष्ट्रीय मीडिया में रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य सटीकता, तथ्यात्मकता और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों के साथ हर खबर को पाठकों तक पहुँचाना है।
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