न्यूज़ डेस्क: सूरत के अल्थान इलाके में रविवार सुबह एक ऊँची इमारत में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की स्विम पैलेस नाम की इमारत की 10वीं मंजिल पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सतर्क हो गए और तुरंत दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग इमारत के नीचे एकत्र हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की गई।
सुबह 9 बजे मिली सूचना, हाइड्रोलिक लिफ्ट और जंपिंग कुशन के साथ पहुंची टीम
भीमराड फायर स्टेशन के फायर ऑफिसर कीर्ति मोढ के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे कंट्रोल रूम में सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की ऊंची मंजिल पर मौजूद है और स्थिति संवेदनशील हो सकती है। इसके बाद भीमराड और वेसू फायर स्टेशन की टीमों को तुरंत रवाना किया गया।
दमकल विभाग की टीम हाइड्रोलिक लिफ्ट, सेफ्टी नेट और जंपिंग कुशन के साथ मौके पर पहुंची। एहतियातन इमारत के नीचे सुरक्षा उपकरण लगाए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
मानसिक परेशानी के बाद बिगड़ी स्थिति, अयोध्या की रहने वाली है नाबालिग
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, लड़की मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की रहने वाली है और अल्थान क्षेत्र में एक डॉक्टर के घर घरेलू कार्य करती थी। किसी पारिवारिक बातचीत के दौरान वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी, जिसके बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई।
स्थानीय लोगों ने बनाए रखा संयम, लगातार समझाकर किया सहयोग
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने संयम बनाए रखा और लड़की को शांत रहने की अपील करते रहे। कई लोगों ने उससे बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए समझाने का प्रयास किया। इमारत के निवासियों और मकान मालिक ने भी उसे भरोसा दिलाया कि उसकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सहयोग किया जाएगा।
फायर ब्रिगेड की सूझबूझ से सफल रेस्क्यू, पीछे से सुरक्षा रस्सी से किया सुरक्षित
रेस्क्यू के दौरान टीम ने बेहद सावधानी और धैर्य के साथ काम किया। बातचीत के जरिए लड़की का ध्यान बनाए रखा गया, वहीं दूसरी ओर दमकलकर्मियों ने पीछे से सुरक्षा रस्सी के माध्यम से उसे सुरक्षित किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
सुरक्षित उतारने के बाद काउंसलिंग
फायर ऑफिसर कीर्ति मोढ ने बताया कि समय पर सूचना, स्थानीय लोगों का सहयोग और टीमवर्क की वजह से रेस्क्यू सफल रहा। लड़की को सुरक्षित नीचे लाने के बाद उसे समझाइश दी गई और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद इलाके में स्थिति सामान्य हो गई और लोगों ने राहत की सांस ली।






