प्रमुख बातें:
- भयावह मंजर: सरदारपुर (धार) के भोपावर चौकड़ी के पास सूरत से कानपुर जा रही बस धू-धू कर जली।
- खिड़की से कूदे यात्री: दरवाजे पर भीड़ होने के कारण यात्रियों ने कांच तोड़े और चलती आग से कूदकर बचाई जान।
- रहस्यमयी आग: दाहोद में 4 घंटे तक चला था बस का तकनीकी काम, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क गई आग?
- चालक फरार: 50-55 यात्रियों की जान दांव पर लगाकर बस ड्राइवर मौके से भाग निकला, पुलिस कर रही तलाश।
अंकित कीवे (सरदारपुर, धार)। मध्य प्रदेश के धार जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। मंगलवार रात सूरत से कानपुर जा रही एक यात्री बस अचानक ‘आग का गोला’ बन गई। बस में 50 से 55 यात्री सवार थे, जो गहरी नींद में थे।
अचानक इंजन से धुआं उठा और महज 5 से 10 मिनट के अंदर आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। जान बचाने के लिए बस में ऐसी चीख-पुकार मची कि यात्रियों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदना पड़ा।
खिड़की से बच्चे को फेंका, फिर खुद कूदी मां
हादसा रात करीब 1:10 बजे सरदारपुर के भोपावर चौकी के पास हुआ। बस (UP 83 BT 3947) में धुआं भरते ही दम घुटने लगा था। कानपुर निवासी नीलम पाल अपने 8 साल के बेटे के साथ सफर कर रही थीं। उन्होंने खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि जब आग भड़की, तो दरवाजे की तरफ जाना नामुमकिन था।
उन्होंने पहले अपने बेटे को टूटी खिड़की से बाहर फेंका और फिर खुद नीचे छलांग लगा दी। हालांकि, इस अफरा-तफरी में उनके नकदी, चांदी की पायजेब, कपड़े और अन्य जेवरात बस में ही जलकर खाक हो गए। यही हाल अन्य यात्रियों का भी हुआ, जिनके मोबाइल और जीवन भर की कमाई राख बन गई।
कूदने से 2 के पैरों में फ्रैक्चर, 4 अन्य घायल
खिड़कियों से हाईवे पर कूदने के कारण कई यात्री घायल हो गए। इनमें कानपुर के अभय (20) और उत्तर प्रदेश के नाहापुर निवासी कमलेश (29) के पैरों में गंभीर फ्रैक्चर आया है। वहीं, जयकांत (17), रामु (30), निशु (18) और राजा (18) को हल्की चोटें आई हैं।
सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी 6 घायलों को सरदारपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
आखिर 4 घंटे की रिपेयरिंग के बाद कैसे लगी आग?
इस हादसे ने बस के मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, धार पहुंचने से पहले गुजरात के दाहोद के पास एक होटल पर इस बस को रोककर करीब 4 घंटे तक इसका तकनीकी सुधार (रिपेयरिंग) कराया गया था। सवाल यह उठ रहा है,
कि 4 घंटे के काम के बाद ऐसी क्या गड़बड़ी रह गई कि बस चंद मिनटों में ही श्मशान बन गई? और सबसे बड़ा सवाल-हादसा होते ही बस का ड्राइवर यात्रियों को मरने के लिए छोड़कर मौके से फरार क्यों हो गया?
2 घंटे तक बंद रहा इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन
आग की सूचना मिलते ही एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बस इतनी भयंकर तरीके से जल रही थी कि सुरक्षा के मद्देनजर इंदौर जाने वाले फोरलेन मार्ग को दो घंटे से ज्यादा समय तक बंद रखना पड़ा। राजगढ़ नगर परिषद की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस का सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा था।
पुलिस कर रही है बस मालिक की तलाश
सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि इंजन के ओवरहीट (गर्म) होने के कारण यह आग भड़की। हालांकि, असली तकनीकी कारण की जांच की जा रही है। चूंकि ड्राइवर भाग गया है, इसलिए पुलिस बस के नंबर के आधार पर यूपी के रहने वाले बस मालिक की कुंडली खंगाल रही है।
पुलिस और प्रशासन ने रात में ही हाईवे पर अन्य बसों को रुकवाकर सभी परेशान यात्रियों को उनके गंतव्य (कानपुर की ओर) के लिए रवाना कर दिया है।





