स्थानीय रिपोर्टर: मध्य प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को हैदराबाद में आयोजित ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश’ सत्र में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ संवाद करेंगे।
यह सत्र उद्योग जगत को मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों, आधारभूत संरचना और उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
ग्रीनको मुख्यालय का दौरा और ऊर्जा क्षेत्र में विमर्श
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और राज्य में निवेश बढ़ाने, नई इकाइयों की स्थापना तथा प्रमुख सेक्टरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा करेंगे। वे हैदराबाद स्थित ग्रीनको कंपनी के मुख्यालय का भ्रमण भी करेंगे। इसके बाद ग्रीनको समूह के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और बड़े औद्योगिक निवेश के अवसरों पर विमर्श किया जाएगा।
IT, बायोटेक और मैन्युफैक्चरिंग पर वन-टू-वन मीटिंग
इसके पश्चात मुख्यमंत्री द लीला होटल में आयोजित मुख्य सत्र में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स करेंगे। इन बैठकों में आईटी, आईटीआईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों और भविष्य की परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
बायोटेक सेक्टर पर विशेष राउंड टेबल मीटिंग
कार्यक्रम में बायोटेक उद्योग पर केंद्रित एक विशेष राउंड टेबल सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें नवाचार-आधारित उद्योगों, अनुसंधान परियोजनाओं और तकनीकी विकास के लिए मध्य प्रदेश में बन रहे अनुकूल माहौल पर प्रस्तुति और चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री पूरे दिन विभिन्न औद्योगिक समूहों से मुलाकात कर निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श जारी रखेंगे।
निवेशकों के समक्ष राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों की प्रस्तुति
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह निवेशकों के समक्ष राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, सेक्टर-आधारित क्लस्टर्स और औद्योगिक अधोसंरचना पर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
उद्योग जगत के प्रतिनिधि मध्य प्रदेश में निवेश से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं, अनुभव और सुझाव भी रखेंगे। सरकार का मानना है कि यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों में राज्य में नए औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक साझेदारियों को गति प्रदान करेगा।






