होममध्य प्रदेशबड़वाह: सरकारी होर्डिंग्स पर निजी अस्पताल का प्रचार! नपा के नाम के...

बड़वाह: सरकारी होर्डिंग्स पर निजी अस्पताल का प्रचार! नपा के नाम के साथ मंत्री की तस्वीर, CMO बोले…

बड़वाह। नगर पालिका परिषद बड़वाह एक बार फिर विवादों में आ गई है। शहर में लगाए गए कुछ होर्डिंग्स को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन होर्डिंग्स में ‘नगर पालिका परिषद बड़वाह’ के नाम के साथ एक निजी अस्पताल श्री साईं हॉस्पिटल की निःशुल्क ओपीडी का प्रचार किया गया है।

होर्डिंग्स में प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं नपा अध्यक्ष राकेश गुप्ता के छायाचित्र भी लगे हैं, जिससे आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति बन गई है।

सरकारी रसूख का निजी लाभ? नागरिकों ने ‘ब्रांडिंग’ के तरीके पर जताई कड़ी आपत्ति

शहर के प्रमुख विजय स्तम्भ चौराहे पर लगे होर्डिंग्स में ऊपर की ओर निजी अस्पताल का नाम, डॉक्टरों की सूची और ओपीडी की जानकारी दी गई है, जबकि नीचे नगर पालिका परिषद बड़वाह का उल्लेख किया गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रस्तुति से यह संदेश जा रहा है कि यह किसी शासकीय योजना का हिस्सा है, जबकि वास्तविकता में यह एक निजी स्वास्थ्य संस्था का प्रचार प्रतीत होता है।

नागरिकों का आरोप है कि इस तरह के होर्डिंग्स से निजी अस्पताल को सरकारी नाम और प्रभाव का लाभ मिल रहा है। ऐसे में यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या नगर पालिका के नाम का उपयोग निजी संस्थान के प्रचार के लिए नियमसम्मत है।

मंत्री की तस्वीर के उपयोग पर भी प्रश्न

होर्डिंग्स में नगरीय प्रशासन मंत्री की तस्वीर लगाए जाने को लेकर भी चर्चा तेज है। प्रशासनिक जानकारों के अनुसार, किसी निजी व्यावसायिक गतिविधि के प्रचार में संवैधानिक या मंत्री पद पर आसीन व्यक्ति की तस्वीर का उपयोग सामान्यतः नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित माना जाता है, जब तक इसके लिए विधिवत अनुमति न ली गई हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री की तस्वीर होने से आम जनता इसे सरकारी योजना मानकर निजी अस्पताल की ओर आकर्षित हो रही है।

जनता के 3 सवाल: क्या नगर पालिका अब निजी अस्पतालों की मार्केटिंग एजेंसी बन गई है?

इस पूरे मामले में कई सवाल सामने आ रहे हैं-

  • भ्रामक प्रचार: क्या नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि यह पहल शासकीय है या निजी?
  • सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं: क्या शासकीय अस्पतालों और योजनाओं के बजाय निजी संस्थानों को बढ़ावा दिया जा रहा है?
  • अनुमति प्रक्रिया: क्या नगर पालिका परिषद की बैठक में ऐसे होर्डिंग्स की अनुमति संबंधी कोई प्रस्ताव पारित किया गया था?

ताज़ा अपडेट: सिंगरौली की रेही रेत खदान पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, लीज सीमा के बाहर हो रहा था अवैध उत्खनन, एसडीएम ने मौके से पोकलेन मशीन की जब्त

दिखवाता हूँ कहकर सीएमओ ने झाड़ा पल्ला

नगर पालिका परिषद बड़वाह के सीएमओ कुलदीप किंशुक ने कहा- “मेरी जानकारी में यह मामला नहीं था। आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, मैं इसे दिखवाता हूँ।”

अंकित कीवे
अंकित कीवेhttps://theviratkesari.com/
अंकित कीवे एक अनुभवी पत्रकार, ब्लॉगर और 'द विराट केसरी' के मुख्य संपादक हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, लेकिन समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बेबाक लेखन के शौक ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में ला खड़ा किया। साल 2020 से वे लगातार डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग और प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने अनुभव और दूरदृष्टि के साथ, वे पिछले एक साल से 'द विराट केसरी' समाचार पत्र का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। एक संपादक के तौर पर अंकित का दृढ़ विश्वास है कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता ही लोकतंत्र का आधार है। अपने न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से वे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, स्थानीय प्रशासन, क्राइम और आम जनता से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, जिनका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
RELATED ARTICLES

ताज़ा समाचार