न्यूज़ डेस्क: भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन (Indigo Airlines) के हालिया परिचालन संकट के बीच प्रभावित रूटों पर अनियंत्रित किराया बढ़ोतरी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का उपयोग करते हुए सभी एयरलाइंस के लिए अधिकतम किराया सीमा तय कर दी है, ताकि यात्रियों से तय सीमा से अधिक किराया न वसूला जाए।
हवाई यात्रा: दूरी के अनुसार तय की गई अधिकतम किराया सीमा
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न दूरी के लिए अधिकतम किराया इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- 500 किमी तक की यात्रा – अधिकतम 7,500 रुपये
- 500 से 1,000 किमी तक – अधिकतम 12,000 रुपये
- 1,000 से 1,500 किमी तक – अधिकतम 15,000 रुपये
- 1,500 किमी से अधिक दूरी – अधिकतम 18,000 रुपये
इन नई सीमाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित रूटों पर एयरलाइंस अत्यधिक किराया न बढ़ाएं।
Indigo संकट के बाद किराये में तेज बढ़ोतरी: 90,000 रुपये तक पहुंचे थे दाम
पिछले 5 दिनों से इंडिगो एयरलाइन तकनीकी और परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है। इस दौरान हजारों उड़ानें रद्द हुईं और कई उड़ानों में देरी हुई। इसके परिणामस्वरूप कई अन्य एयरलाइंस ने प्रभावित रूटों पर किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ रूटों पर टिकट कीमतें सामान्य से कई गुना तक बढ़ गई थीं। उदाहरण के लिए, कोलकाता से मुंबई की एक इकॉनमी सीट की कीमत 90,000 रुपये तक पहुंच गई थी। इसी प्रकार, मुंबई से भुवनेश्वर रूट पर टिकट 84,485 रुपये तक बिक रहा था। इन मामलों ने यात्रियों के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।
मंत्रालय का एक्शन प्लान: रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कड़े निर्देश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को सूचित किया है कि वे फिक्स्ड फेयर कैप का पालन करें। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा है कि-
- एयरफेयर की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
- यह टीम एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स से लगातार समन्वय करेगी।
- नियमों का उल्लंघन करने वाली एयरलाइंस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय का कहना है कि यात्रियों के हित में यह कदम आवश्यक था ताकि किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण रोका जा सके।
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