पटना। बिहार में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला आयुष डॉक्टर के हिजाब से जुड़ा व्यवहार सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस घटना को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी और शिवसेना सहित कई विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और एनडीए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
यह मामला सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में नवनियुक्त आयुष डॉक्टरों को जॉब लेटर सौंपे जा रहे थे।
आरजेडी, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया, व्यवहार पर उठाए सवाल
- कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस घटना को लेकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी महिला की व्यक्तिगत पहचान या पहनावे में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए।
- आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि सामने आए दृश्य परेशान करने वाले हैं और ऐसे दृश्य समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री को रोकने की कोशिश करते हुए देखा जाना चिंता का विषय है।
- शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी इस मामले को लेकर सरकार की आलोचना की।
जेडीयू ने आरोपों को नकारा, विकास कार्यों से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप
जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी नीरज कुमार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार देने जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर विकास कार्यों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
महिला आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब नीचे किया: वीडियो हुआ वायरल
जानकारी के अनुसार, सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में 1,000 से अधिक आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं मंच से कुछ चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे।
इसी दौरान नुसरत परवीन नाम की एक महिला आयुष डॉक्टर, जो हिजाब पहनकर मंच पर पहुंची थीं, उन्हें नियुक्ति पत्र देते समय मुख्यमंत्री ने उनके चेहरे की ओर इशारा करते हुए हिजाब को नीचे किया। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में यह भी देखा गया कि मंच पर मौजूद एक अधिकारी ने महिला डॉक्टर को तुरंत एक ओर ले जाया, जबकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री को रोकने की कोशिश करते नजर आए।
1200+ आयुष डॉक्टरों को मिले नियुक्ति पत्र, 685 आयुर्वेद डॉक्टर शामिल
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथ और 205 यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े डॉक्टरों का चयन किया गया है। इनमें से 10 डॉक्टरों को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि अन्य को ऑनलाइन माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
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घटना पर CM कार्यालय की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी इस पर व्यापक चर्चा जारी है।






