प्रमुख बातें:
- भव्य पालकी यात्रा: पंचद्रव्य अभिषेक के बाद शाम 6:30 बजे नगर भ्रमण पर निकले भगवान नागेश्वर महादेव।
- आकर्षण का केंद्र: 1400 किलो बर्फ से बनाई गई बाबा अमरनाथ बर्फानी की मनमोहक सजीव झांकी।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: मुंबई के 150 कलाकारों द्वारा 12 ज्योतिर्लिंग और नवदुर्गा स्वरूपों का जीवंत प्रदर्शन।
- भक्तिमय माहौल: नासिक के ‘शिव गर्जना’ ग्रुप के ढोल-ताशों और भजनों पर जमकर थिरके श्रद्धालु।
अंकित कीवे (बड़वाह)। सावन मास के पावन सोमवार के अवसर पर नगर के अधिष्ठाता भगवान नागेश्वर महादेव की भव्य शाही सवारी पूरे धार्मिक उल्लास और धूमधाम के साथ निकाली गई। जैसे ही भगवान की पालकी मंदिर से बाहर निकली, पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
नगर हिन्दू संगठन के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल शाही सवारी का शहर-वासियों ने जगह-जगह आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
पंचद्रव्य अभिषेक और सजीव झांकियों ने मोहा मन
शाही सवारी की शुरुआत दोपहर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा भगवान नागेश्वर महादेव के पंचद्रव्य अभिषेक के साथ हुई। विधिवत पूजन के पश्चात शाम करीब 6:30 बजे भगवान की पालकी ने नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया।
इस भव्य यात्रा में मुंबई से विशेष रूप से आए 150 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई 12 ज्योतिर्लिंगों और नवदुर्गा के स्वरूपों की सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नासिक के ढोल-ताशों की गूंज और 1400 किलो के बाबा बर्फानी
यात्रा के दौरान नासिक के प्रसिद्ध ‘शिव गर्जना’ ग्रुप के 60 से अधिक कलाकारों ने ढोल-ताशों की ऐसी दमदार प्रस्तुति दी कि पूरा वातावरण शिवमय हो गया। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायक दिव्यांश पंड्या की सुमधुर भजन प्रस्तुतियों पर युवा और श्रद्धालु जमकर थिरकते नजर आए।
इस शाही सवारी का एक और सबसे बड़ा आकर्षण मेन चौराहा ग्रुप द्वारा तैयार की गई अमरनाथ बाबा बर्फानी की झांकी रही। भीषण गर्मी के बीच 1400 किलो बर्फ से तैयार की गई इस भव्य झांकी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आयोजकों द्वारा यहां दर्शनार्थियों को प्रसाद स्वरूप ठंडाई भी वितरित की गई।
नगरवासियों ने पलक पांवड़े बिछाकर किया स्वागत
भगवान नागेश्वर महादेव की इस सवारी के मार्ग में शहरवासियों ने अपार श्रद्धा दिखाई। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए साबूदाना खिचड़ी, ठंडाई, फलाहार और पेयजल की नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी।
घरों के बाहर खड़ी महिलाओं ने भगवान की पालकी की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद लिया। देर शाम तक पूरे शहर में भक्ति, उल्लास और आस्था का यह अनूठा संगम देखने को मिला।





